जन्म पत्रिका एवं कुण्डली मिलान -
भारतीय संस्कृति में जब कोई नवजात शिशु पैदा होता है तब उसके जन्म समय के आधार पर जन्म पत्रिका निर्माण करना शुभ होता है! जन्म पत्रिका में स्थित ग्रहों की स्थिती से शिशु के आगामी जीवन के बारे में ज्योतिष विश्लेषण द्वारा अच्छे बुरे समय के बारे में जानकारी ली जाती है! इसके बाद जब शिशु जवान होता है उसकी शादी करने के लिए भावी वर वधु की कुण्डली का मिलान करके गुण व मंगली विचार करके शादी करने का प्रावधान है ! आगामी जीवन में तरह तरह के उतार चढाव आते रहते हैं ! उसमे मानवीय जिज्ञासावश मनुष्य अपने भविष्य को जानना चाहता है , जिसके बारे में जन्म पत्रिका का विश्लेषण करके भविष्य जानने की कोशिश की जाती है जिसे अनुभवी ज्योतिषी ही कर सकता है!
हमारे यहाँ जन्म पत्रिका बनाने और उसका फलित निर्माण के साथ वर वधु की कुण्डलियों का मिलान भी किया जाता है ! उसके लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं !